सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

टेसू का रंग जब बड़ी बड़ी पिचकारियों से चलता तो तन मन को कर जाता शीतल.

टेसू का रंग जब बड़ी बड़ी पिचकारियों से चलता तो तन मन को कर जाता शीतल.
Read this news article on
http://www.patrika.com/news/raebareli/tesu-color-significance-in-holi-2017-update-news-in-hindi-1523960/

टेसू का रंग जब बड़ी बड़ी पिचकारियों से चलता तो तन मन को कर जाता शीतल।

रायबरेली लोक पर्व होली के वनस्पति रंग टेसू के फूल से शीतल बसंती रंग और लोकगीत फाग जुदा हो गया है ।टेसू के फूल से शीतल बसंती रंग इतिहास के पन्नों में गुम हो गया है होली के हुड़दंग में टोलियों का ढोल मजीरा की धुन में फगुआ गाते निकलना बंद हो चुका है। हाईटेक हुई होली के लोक परंपरा को पूरी तरह खत्म कर दिया है। होली के दिन डीजे और अश्लील गानों पर युवा नुक्कड़ चौराहों पर थिरकते है।

तीन दशक पूर्व फागुन मास लगते ही होली की मस्ती छाने लगती थी । टोलिया फाग गाने का अभ्यास करते और बड़े बुजुर्ग वनस्पति रंग बनाने की तैयारी में जुट जाते हैं जंगलों से टेसू के फूल तुड़वा कर एकत्र कराया जाता है और होली के एक दिन पहले कड़ाओ में उबालकर टेसू  का बसंती रंग बनाया जाता था। टेसू का रंग जब बड़ी-बड़ी पिचकारियों से चलता तो तन मन शीतल कर जाता परंतु शीतलता प्रदान करने वाले रंगों का स्थान रसायनिक रंगो ने ले लिया है ।यह रंग त्वचा और नेत्र के लिए घातक है लोक गीतों में होली पर्व पर डेढ़ ताल ,तीन ताल और चौपाल में गाए जाने वाले फाग कि अपनी मस्ती होती थी ।पूरे गजई निवासी पंडित सदाशिव मिश्र बताते हैं कि फगवा आप टेलीविजन तक सीमित होकर रह गया है। "निमोहिया श्याम जहे छाये, पपीहा वही देश को जाना बसंत में आना और वन वन बिलखत-बिलखत है सत्यभामा मधुपुर छाए रहे घनश्याम या फागुन भर घर ही रहियो रसिया तुम बिन रजनी गुजरे ना सुरति विसरे ना जैसे फगुवा "अवध क्षेत्र की संस्कृति का दर्शन कराते हैं।

 होली का प्रसिद्ध गीत फगुआ को बचाने का कोई सरकारी प्रयास भी नहीं हो रहा है पृथ्वी काल से ही यह गंगा जमुनी संस्कृति का दर्शन होता रहा है।प्राचीनकाल से ही यहां गंगा जमुनी संस्कर्ति का दर्शन होता रहा है। अवध क्षेत्र के नवाब शुजाउद्दौला भी होली पर फाग समारोह का आयोजन करते थे। इस समारोह में तन्जेब कुर्ता पैजामा में बड़ी संख्या में महिलाएं रंग खेलती वह फगुआ के गीतों के साथ झुमती थी । यह परंपरा 60 के दशक तक ही कायम रही और धीरे-धीरे गायब हो गई।
Attachments area

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

पेंशनर अपना प्रमाण पत्र कोषागार में प्रेषित करने के लिए जीवन प्रमाण ऐप सुविधा का ले लाभ- वरिष्ठ कोषाधिकारी भावना श्रीवास्तव ने बताया

पेंशनर अपना प्रमाण पत्र कोषागार में प्रेषित करने के लिए जीवन प्रमाण ऐप सुविधा का ले लाभ रायबरेली। वरिष्ठ कोषाधिकारी भावना श्रीवास्तव ने बताया है कि कोषागार, रायबरेली से पेंशन आहरित करने वाले समस्त पेंशनरों/पारिवारिक पेंशनरों को सूचित किया है कि जिन पेंशनरों का जीवित प्रमाण-पत्र की अवधि समाप्त हो रही है, ऐसे समस्त पेशनरों को अवगत कराना है, कि वे सभी अपने-अपने जीवित प्रमाण-पत्रों को आनलाइन जीवन प्रमाण-पत्र की सुविधा का उपयोग अपने स्मार्टफोन के प्ले स्टोर से आधार फेस आरडी ऐप इंस्टॉल करें तथा पुनः प्ले स्टोर से जीवनप्रमाण ऐप इंस्टॉल करें। इस ऐप से अपना जीवन प्रमाण-पत्र भेज सकते है, एवं भविष्य में भी अपना जीवित प्रमाण-पत्र कोषागार में प्रेषित करने हेतु इसका पुनः प्रयोग करते हुए सुविधा का लाभ प्राप्त कर सकते है। अधिक जानकारी के लिए जिला कोषागार कार्यालय रायबरेली से संपर्क कर सकते हैं।

रायबरेली में अवैध संबंधों के चलते पति की हत्या, प्रेमी और पत्नी गिरफ्तार

रायबरेली में अवैध संबंधों के चलते पति की हत्या, प्रेमी और पत्नी गिरफ्तार   रायबरेली। शिवगढ़ थाना क्षेत्र के मलिन का पुरवा गाँव में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहाँ एक महिला और उसके प्रेमी ने मिलकर उसके पति की हत्या कर दी। पुलिस ने इस मामले में दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।   घटना की पूरी जानकारी मामला तब सामने आया जब पति को अपनी पत्नी और उसके प्रेमी के बीच अवैध संबंधों पर शक हुआ। आरोप है कि पत्नी और उसका प्रेमी खेत में संबंध बना रहे थे, तभी पति वहाँ पहुँच गया। इस पर प्रेमी ने पति को गोली मार दी, जिससे उसकी मौत हो गई।   हत्या की साजिश और पुलिस को गुमराह करने की कोशिश पुलिस के अनुसार, आरोपी जोड़े ने न सिर्फ हत्या की साजिश रची, बल्कि पुलिस को गुमराह करने की भी कोशिश की। प्रेमी ने हथियार बिहार से मंगवाया था और पति को गोली मारकर भागने का प्रयास किया। हालाँकि, पुलिस ने गहन जाँच के बाद दोनों को पकड़ लिया।   एसपी डॉ. यशवीर सिंह ने किया मामले का खुलासा  रायबरेली के एसपी डॉ. यशवीर सिंह ने इस मामले की जानकारी देते हुए बताया क...

टीईटी के मामले को लेकर शिक्षकों का उमड़ा हजूम, कहा-कानून में करें संशोधन,जूनियर शिक्षक संघ, प्राथमिक शिक्षक संघ के बैनर तले शिक्षकों ने किया प्रदर्शन, प्रधानमंत्री को भेजा ज्ञापन

 टीईटी के मामले को लेकर शिक्षकों का उमड़ा हजूम, कहा-कानून में करें संशोधन,जूनियर शिक्षक संघ, प्राथमिक शिक्षक संघ के बैनर तले शिक्षकों ने किया प्रदर्शन, पीएम को भेजा ज्ञापन रायबरेली। सुप्रीम कोर्ट की तरफ से टीचर एलिजिबिलिटी टेस्ट (टीईटी) की अनिवार्यता लागू किए जाने के बाद इसका विरोध तेज हो गया है। गुरूवार को उत्तर प्रदेशीय जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ के बैनर तले हजारों शिक्षकों ने एकत्रित होकर टीचर एलिजिबिलिटी टेस्ट (टीईटी) को लेकर जारी कानून में संशोधन की मांग को लेकर जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा।  शिक्षकों ने प्रदर्शन करके केंद्र सरकार ने इस कानून में संशोधन करने की मांग करते हुए प्रधानमंत्री को पत्र भेजा है। इसके साथ ही संघ के पदाधिकारियों ने आज नेता प्रतिपक्ष व जिले के सांसद राहुल गांधी से मिलकर कानून में संशोधन कराए जाने की मांग की है।  शिक्षकों ने कहा, देशभर के 40 लाख और प्रदेश के चार लाख परिवारों शिक्षकों पर करें दया जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष राघवेंद्र यादव ने कहा कि 29 जुलाई 2011 से उत्तर प्रदेश में नई नियु...