एम्स रायबरेली में अग्नि सुरक्षा सप्ताह का आयोजन अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान, रायबरेली में कार्यकारी निदेशक डॉ. अमिता जैन के नेतृत्व में 4 मई से 10 मई 2026 तक अग्नि सुरक्षा सप्ताह का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम भारत सरकार, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुरूप आयोजित किया गया। सप्ताह भर चले कार्यक्रमों का उद्देश्य संस्थान में अग्नि सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाना, आपदा प्रबंधन क्षमता को सुदृढ़ करना तथा मरीजों, कर्मचारियों एवं विद्यार्थियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना रहा। कार्यक्रम का शुभारंभ 4 मई को डीन (अकादमिक) डॉ. नीरज कुमारी, डीन (अनुसंधान) डॉ. अर्चना वर्मा, डीन (परीक्षा) डॉ. प्रगति गर्ग, उप-निदेशक (प्रशासन) कर्नल अखिलेश सिंह, वित्तीय सलाहकार कर्नल यू एन राय, अपर चिकित्सा अधीक्षक, डॉ. नीरज कुमार श्रीवास्तव सहित संस्थान के वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा अग्नि सुरक्षा शपथ ग्रहण के साथ किया गया। 5 मई को ICU, NICU, PICU एवं ऑपरेशन थिएटर जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में अग्नि सुरक्षा उपायों पर तकनीकी वेबिनार आयोजित किया गया। 6 एवं 7...
एम्स रायबरेली में जैव सांख्यिकी के महत्व एवं SPSS सॉफ्टवेयर के अनुप्रयोग पर कार्यशाला का किया गया आयोजन,एम्स रायबरेली की कार्यकारी निदेशक प्रो. (डॉ.) अमिता जैन ने बताया
एम्स रायबरेली में जैव सांख्यिकी के महत्व एवं SPSS सॉफ्टवेयर के अनुप्रयोग पर कार्यशाला का किया गया आयोजन एम्स रायबरेली के संस्थान अनुसंधान प्रकोष्ठ (Institute Research Cell) ने 8-9 मई, 2026 को AIIMS रायबरेली की कार्यकारी निदेशक प्रो. (डॉ.) अमिता जैन के संरक्षण में "जैव सांख्यिकी (Biostatistics) का परिचय और SPSS के अनुप्रयोग" विषय पर डेढ़ दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया। इस कार्यशाला का उद्देश्य प्रतिभागियों को जैव सांख्यिकी और SPSS का उपयोग करके डेटा विश्लेषण में आवश्यक ज्ञान और व्यावहारिक कौशल से सुसज्जित करना था। SPSS सांख्यिकी एक प्रमुख सॉफ्टवेयर प्लेटफॉर्म है जिसका उपयोग अनुसंधान में बड़े पैमाने पर किया जाता है - विशेष रूप से सामाजिक विज्ञान, स्वास्थ्य और बाजार अनुसंधान - जटिल डेटा सेट का प्रबंधन, विश्लेषण और कल्पना करने के लिए। उद्घाटन सत्र को AIIMS रायबरेली की डीन (रिसर्च) प्रो. अर्चना वर्मा ने संबोधित किया। उन्होंने कार्यशाला के उद्देश्यों की रूपरेखा प्रस्तुत की और जैव सांख्यिकी की आवश्यकता पर प्रकाश डाला, ताकि संकाय सदस्यों को सटीक ड...