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रायबरेली में कर एवं राजस्व वसूली की समीक्षा बैठक की गई आयोजित, एडीएम ने कमजोर प्रदर्शन वाले विभागों को दिए यह निर्देश

 रायबरेली में कर एवं राजस्व वसूली की समीक्षा बैठक की गई आयोजित, एडीएम ने कमजोर प्रदर्शन वाले विभागों को दिए यह निर्देश


रायबरेली। अपर जिलाधिकारी (वित्त/राजस्व) अमृता सिंह और अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) सिद्धार्थ की संयुक्त अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में कर-करेत्तर एवं राजस्व वसूली संबंधी एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई।


इस बैठक में जिले के विभिन्न विभागों जैसे विद्युत, बाट माप, परिवहन, आबकारी, वाणिज्य, नगर निकाय, सिंचाई, वन, व्यापार कर, खनन, मण्डी और स्टाम्प आदि की वर्तमान वर्ष की राजस्व वसूली की प्रगति का विस्तृत विश्लेषण किया गया।



बैठक के दौरान, एडीएम (वित्त) ने विशेष रूप से उन विभागों पर ध्यान केंद्रित किया, जहाँ राजस्व वसूली का लक्ष्य पूरा नहीं हो पा रहा है। उन्होंने व्यापार कर, स्टाम्प और परिवहन जैसे कम प्रगति दर्शाने वाले विभागों के अधिकारियों को राजस्व वसूली की गति तेज करने के स्पष्ट निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी विभागों को अपने-अपने निर्धारित वार्षिक लक्ष्यों की शत-प्रतिशत प्राप्ति सुनिश्चित करनी होगी और इसके लिए समयबद्ध तरीके से कार्यवाही करनी होगी।


एडीएम ने सभी अधिकारियों से लक्ष्य प्राप्ति के लिए ठोस एवं प्रभावी कदम उठाने और आपसी विभागीय समन्वय को मजबूत बनाने पर जोर दिया। साथ ही, उन्होंने आईजीआरएस (इंटीग्रेटेड ग्रीवेंस रिड्रेसल सिस्टम) पर आने वाली जनशिकायतों के गुणवत्तापूर्ण निस्तारण का भी निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि शिकायतों का निपटारा सतही स्तर पर न करके गहनता से किया जाए और शिकायतकर्ताओं से फीडबैक भी लिया जाए। इसके अलावा, प्रत्येक तहसील दिवस पर विभागीय अधिकारियों को कैम्प लगाकर शिकायतों का त्वरित निस्तारण करने के भी निर्देश दिए गए।


इस महत्वपूर्ण बैठक में उप निदेशक कृषि विनोद कुमार, उप जिलाधिकारी (न्यायिक) अहमद फरीद खान एवं सचिन यादव सहित सभी तहसीलों के उप जिलाधिकारी, तहसीलदार, नायब तहसीलदार तथा संबंधित विभागों के अधिकारीगण उपस्थित रहे। बैठक का उद्देश्य जिले की राजस्व वसूली में पारदर्शिता, दक्षता और तेजी लाना था।

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