सोमनाथ स्वाभिमान पर्व का रतापुर आर.डी.ए सामुदायिक केंद्र में किया गया आयोजन,प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी व वाराणसी में आयोजित कार्यक्रम का सजीव प्रसारण देखा गया एवं उद्बोधन को सुना गया
रायबरेली। सोमनाथ ज्योतिर्लिंग में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की गरिमामयी उपस्थिति में कार्यक्रम का आयोजन किया गया एवं सोमनाथ स्वाभिमान पर्व के अन्तर्गत वाराणसी में शोमनाथ संकल्प महोत्सव का आयोजन किया गया। जिसमें उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनन्दी बेन पटेल व उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा प्रतिभाग किया गया।
इसी क्रम में जिले में जनपद स्तरीय कार्यक्रम सोमनाथ स्वाभिमान पर्व का आयोजन रतापुर स्थिति आर.डी.ए सामुदायिक केंद्र में किया गया, जिसमें अध्यक्ष जिला पंचायत रंजना चौधरी, मुख्य विकास अधिकारी अंजूलता, अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) सिद्धार्थ, जिलाध्यक्ष भाजपा बुद्धिलाल पासी द्वारा प्रतिभाग किया गया। अतिथियों द्वारा दीप प्रज्जवलित कर कार्यक्रम का शुभारम्भ किया गया।
कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी व वाराणसी में आयोजित कार्यक्रम का सजीव प्रसारण देखा गया एवं उद्बोधन को सुना गया।
भारत की अटूट आस्था के एक हजार वर्ष का उत्सव के अवसर पर जनपद में कलश यात्रा का आयोजन किया गया। कलश यात्रा रिफार्म क्लब लॉन से प्रारम्भ होकर खालसा चौक होते हुए जग मोहनेश्वर महादेव मंदिर चंदा कोठी में समाप्त हुई।
सोमनाथ स्वाभिमान पर्व के अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष रंजना चौधरी ने उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए कहा कि यह पर्व हमारी सांस्कृतिक विरासत, राष्ट्रीय गौरव एवं आत्मसम्मान का प्रतीक है।
उन्होंने कहा कि सोमनाथ मंदिर केवल आस्था का केंद्र नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति की अदम्य शक्ति, संघर्ष और पुनर्निर्माण का जीवंत उदाहरण है। उन्होंने कहा कि देश की समृद्ध परंपराओं एवं सांस्कृतिक मूल्यों को नई पीढ़ी तक पहुंचाना हम सभी की जिम्मेदारी है। स्वाभिमान पर्व हमें अपनी जड़ों से जुड़ने, राष्ट्रहित को सर्वाेपरि रखने तथा सामाजिक एकता एवं सद्भाव को मजबूत करने की प्रेरणा देता है।
जिलाध्यक्ष बुद्धिलाल ने सोमनाथ स्वाभिमान पर्व के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि सोमनाथ का इतिहास भारतीय संस्कृति, आस्था और स्वाभिमान का प्रतीक है। यह पर्व हमें अपने गौरवशाली अतीत से प्रेरणा लेकर राष्ट्र एवं समाज के प्रति अपने कर्तव्यों का निर्वहन करने की प्रेरणा देता है।
उन्होंने कहा कि भारत की सांस्कृतिक विरासत विश्व में अद्वितीय है और इसे संरक्षित एवं संवर्धित करना हम सभी का दायित्व है। सोमनाथ मंदिर का पुनर्निर्माण भारतीय समाज की एकता, दृढ़ संकल्प और आत्मगौरव का प्रतीक है।
इससे पूर्व विभिन्न विद्यालयों के बच्चों द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किये गये।
मंच का संचालन एस.एस. पाण्डेय द्वारा किया गया।
इस अवसर पर जिला विकास अधिकारी अरूण कुमार, जिला विद्यालय निरीक्षक संजीव कुमार सिंह, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी राहुल सिंह, अधिशाषी अधिकारी नगर पालिका स्वर्ण सिंह, जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी सुधीर गिरि, जिला पिछडा वर्ग कल्याण अधिकारी मोहन त्रिपाठी, जिला कार्यक्रम अधिकारी सुरेन्द्र कुमार, जिला पर्यटन अधिकारी तनूजा यादव, शीवेन्द्र सिंह आदि उपस्थित रहें।
टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें