रायबरेली में आधुनिक रेल डिब्बा कारखाना के महाप्रबंधक प्रशांत कुमार मिश्रा व एमसीएफ द्वारा वंदे भारत प्रोटोटाइप रेक का किया गया निरीक्षण, प्रारंभिक ट्रायल सफलतापूर्वक हुआ सम्पन्न
रायबरेली में आधुनिक रेल डिब्बा कारखाना के महाप्रबंधक प्रशांत कुमार मिश्रा व एमसीएफ द्वारा वंदे भारत प्रोटोटाइप रेक का किया गया निरीक्षण, प्रारंभिक ट्रायल सफलतापूर्वक हुआ सम्पन्न
रायबरेली। आधुनिक रेल डिब्बा कारखाना महाप्रबंधक व एमसीएफ ने 20 फरवरी 2026 को कारखाना परिसर में वंदे भारत प्रोटोटाइप रेक का निरीक्षण किया। यह वंदे भारत परियोजना की प्रगति की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।निरीक्षण के दौरान कारखाना परिसर में प्रथम चरण के गति परीक्षण सम्पन्न किए गए। इस अवसर पर एमसीएफ के वरिष्ठ अधिकारीगण, मेसर्स सीमेन्स के प्रतिनिधि तथा अन्य उद्योग सहयोगी उपस्थित रहे। ड्राइवर केबिन से प्रमुख ऑनबोर्ड प्रणालियों का परीक्षण किया गया।
सीमेंस की टीम द्वारा पैंटोग्राफ–वीसीबी (वैक्यूम सर्किट ब्रेकर) संचालन तथा उच्च वोल्टेज आदि का निरीक्षण किया गया। ये सभी क्रियाएं ड्राइवर डेस्क यूनिट (DDU) से सफलतापूर्वक संचालित की गईं, जिससे प्रणाली की समन्वित कार्यक्षमता एवं परिचालन तत्परता प्रदर्शित हुई। एक लघु ट्रायल रन भी किया गया, जिसमें ट्रैक्शन, गति तथा ओवरहेड इक्विपमेंट (OHE) से लिए गए करंट जैसे प्रमुख परीक्षण मानकों का अवलोकन किया गया। ट्रायल शेड से प्रारंभिक संचालन के दौरान रेक की गति को 10 किमी/घंटा की सीमित निर्धारित गति पर परीक्षण किया गया। ब्रेक प्रतिक्रिया, पैसेंजर एनाउंसमेंट एवं पब्लिक इंफॉर्मेशन सिस्टम (PAPIS) की कार्यप्रणाली तथा ट्रैक्शन के दौरान प्रणाली के व्यवहार का भी परीक्षण किया गया।
रेक का विस्तृत निरीक्षण भी किया गया, जिसमें प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष प्रकाश व्यवस्था का सत्यापन शामिल था। महाप्रबंधक ने प्रकाश व्यवस्था के समुचित एलाइनमेंट तथा विद्युत क्यूबिकल्स की वैक्यूम एवं मैग्नेटिक क्लीनिंग के माध्यम से गहन सफाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि किसी भी धात्विक अवशेष को हटाकर उच्चतम सुरक्षा एवं विश्वसनीयता सुनिश्चित की जा सके।यह उपलब्धि एमसीएफ एवं उसके उद्योग सहयोगियों के बीच सुदृढ़ समन्वय एवं सहयोग का प्रतीक है, जो वंदे भारत परियोजना को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। प्रशांत कुमार मिश्रा ने इस अवसर पर विवेक खरे, प्रधान मुख्य यांत्रिक अभियंता (PCME) विजय, मुख्य विद्युत डिजाइन अभियंता (CEDE); अनुराग दत्त त्रिपाठी, सीडब्ल्यूई/फर्निशिंग; मेसर्स सीमेंस के अनुराग गुप्ता; तथा आरडीएसओ के अनुपम गुप्ता और विष्णु शंकर प्रसाद सहित सभी उद्योग सहयोगियों को उनके समर्पण, समन्वय एवं उत्कृष्ट टीमवर्क के लिए बधाई एवं धन्यवाद दिया।
12 फरवरी 2026 को आयोजित ट्रायल पूर्व निरीक्षण के दौरान मेसर्स सीमेंस के जर्मन अभियंता — क्रिस्टोफ गोएट्ज़, सुश्री सैंड्रा स्पोंसेट एवं सेबास्टियन शोएसर, पदमाकर डीके, सैत कर— भी उपस्थित रहे तथा तकनीकी कार्यवाही में सक्रिय सहभागिता की।
यह ट्रायल एमसीएफ की अत्याधुनिक, उच्च गति वाली ट्रेनसेट के निर्माण हेतु उसकी प्रतिबद्धता, नवाचार क्षमता एवं उत्कृष्टता के प्रति समर्पण को पुनः स्थापित करता है।


टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें