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रायबरेली के चुनावी मुददों की करे बात


 यह बताने की कोषिष करते है कि मेरी पार्टी ने जनता के लिये सबसे ज्यादा विकाष और कार्य किया है। लेकिन जनता क्या कहती है और उसकी अपनी सोच आजकल के राजनीतिक नेताओं के लिये क्या माने रखती है और वह इन राजनीतिक पार्टीयों के लोंगों से क्या मांग रखते है फिर चाहे युवा, महिलायें, वरिष्ठ नागरिक हों सभी की सोच देशहित में और सबका विकास को होता है क्या।


आज अगर रायबरेली चुनावी मुददों की बात करें तो जिले में सभी कुछ अधूरी पड़ी है।

रायबरेली में सड़क,पानी,बिजली को अगर मुददा बनाया जाये तों काफी बड़ा मुददे हो सकते है क्योंकि यहां पर भाजपा के तीन विधायक है कांग्रेस के दो विधायक है एक समाजवादी समाजवादी पार्टी के 6 विधायको के कार्य क्या हुये है यह भी जनता जानती है और सोनिया गांधी का संसदीय क्षेत्र भी है और पुराना गांधी परिवार का इतिहास रहा है रायबरेली ।

आज रायबरेली में सडकों की कमी से यहां कि जनता काफी परेशान दिखाई पड़ती है और उसकों यह एहषास होता है कि अगर हम चुनावों में राजनीतिक लोगों को वोट देते है तो किसे चुनते है और वह क्यों नही कार्य करते है।


पानी की सबसे बडी समस्या है। यहां की ज्यादातर विधानसभा की जनता आपकों अपने खेतों में पानी न पहुचंने का रोना रोते मिल जायेगी। यहां हरसाल नहरों में पानी न आने से धान की सबसे बड़ी बेल्ट का उत्पादन प्रभावित होता है। क्षेत्रों में कई हिस्सों में लोग फलोराइड चुक्त पानी पीकर विकलांगता का षिकार हो रहे है। कई बार इसकों लेकर सर्वे की टीम गठित की जाती है। और हैण्डपम्प चिन्हित होते है लेकिन इससे लोगों को निजात नही मिलती है।


रायबरेली में सीवर लाइन की समस्या आजतक किसी राजनीतिक पार्टी ने हल नही कर सकी थी अभी हाल ही में सीवर लाइन डाली जा रही है जब लोकसभा का चुनाव नजदीक आ गया है । जब कि यह जिला वीआईपी कहलाता है। जनता आजभी सोकता लाइन से काम चला रही है।


कारखाना एवं रोजगार  की बात करें तो इंदिरा गांधी के समय यहां पर रोजगार सबसे ज्यादा  मिले थें । इसके बाद प्रदेष की अन्य पार्टीयों विधायकों ने यहां पर कोई ऐसा रोजगार नही दिया जिससे यहां की जनता उसका सही प्रयोग कर पाया और उसे लाभ मिल सका हों । काग्रेंस की सोनियां गांधी ने रेलकोच, रेलपहियां कारखाना, और ऐम्स अस्पताल तो दिया है अभी हाल ही में ओपीडी भी चालू हो गई है लेकिन कुछ दिन के बाद यहां भी मरीजों का आना कम हो गया है। और अभी काफी कुछ अधूरा है। और कुछ में यहां के लोगों को रोजगार नही मिल सका है। क्योंकि कांग्रेस परिवार पैसा तो इस जिलें को दिया बहुत है। लेकिन उसका कहां और कैसे प्रयोग हुआ है यहां इस बात की देख रेख नही हों सकी है । इस लिये अब रायबरेली में रोजगार की और कारखाने न होने से यहां का युवक अन्य जिलें में काम करने को मजबूर है।


शिक्षा को अगर रायबरेली जैसे छोटे से जिले में कांग्रेंस ने जितना फेलाने की कोषिष की है षायद और कोई नही कर सकता है। यहां पर निप्फट,एफडीडीआई, महिला डिग्री कालेज, फिरोजगांधी इंजीनियरिंग कालेज और डिग्री कालेज एवं फुरसत गंज में पायलटों का ट्रेनिंग सेंटर है। यह काफी महात्मपूर्ण बात है। लेकिन रायबरेली के लोगों का एडमीषन इन जगहों पर मात्र 2 से 5 प्रतिषत ही होगा। तो ऐसी षिक्षा से जिले के लोगों को क्या फायदा है।


रायबरेली में चुनाव में मुददे तो बहुत होते है, लेकिन जनता में पांच साल पूरे होने तक षायद ही कोई पार्टी उसे पूरा कर सकी हों । फिलहाल रायबरेली में समाजवादी पार्टी की सरकार ने छोटे छोटे विकास तो किये है । पर जनता कहती है कि कांग्रेस व प्रदेश की सरकारों ने वर्तमान हो या पिछली सरकार में कोई ऐसा बड़ा प्रोजेक्ट नही बनाया गया हो जिससे जनता को आने वाले भविष्य में उससे रोजी रोटी का आराम मिल सकें । हां काग्रेंस परिवार ने यहां भविष्य के लियें रोजगार जारुर दिया है , फिर चाहे रेलकोच कारखाना हो या रेलपहियां कारखाना, या ऐम्स अस्पताल लेकिन कभी न कभी यहां लोगों को रोजगार जारुर मिलेगा लेकिन इन कारखानों में नौकरी मिलने की सम्भवना कम ही दिखाई पड़ती है । रेलकोच कारखाना हो या रेल पहिया कारखाना हो या फिर एम्स हो इन जगहों पर रायबरेली के लोगों को नौकरी नही यहां काम करने वाले जो आयेगें या यहां जिले में रहेगें उनको समान खरीदने के लिये बहार आना होगा जिससे जिले की जनता को व्यापार करने से फायदा होगा।


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रायबरेली में सांसद पद पर बडे़ नाम


1-फिरोज गांधी सांसद रायबरेली


रायबरेली जिले में सबसे बड़ा अगर नाम आना चाहिये तो वह है फिरोजगांधी जो कि 1957 में यहां के सांसद पद पर आसीन रहे। जिले की जनता आज भी उनकी ईमानदारी का गुणगान करती है साथ वह इंदिरा गांधी के पति भी थे।


2- इंदिरा गांधी कांग्रेस से तीन बार सांसद थी


 इंदिरा गांधी रायबरेली की सांसद रही और साथ ही प्रधानमंत्री भी थी। उन्होने देश ही नही दुनिया में अपना परचम लहराया था। तीन बार सांसद रही। 1967

,1971,1980 में। रायबरेली की जनता आज भी उन्ही के नाम से कांग्रेस को वोट देती आ रही है। इंदिरा गांधी यहां की जनता को नाम से पुकारा करती थी और यहां की जनता उनको आज भी अपने दिलों में बैठाये हुये है।


 राजनारायण 1977 में जनता पार्टी से सांसद थे



3- राजनारायण 1977 में जनता पार्टी से सांसद थे जिन्होने इंदिरा गांधी को हराया था। इन्ही के समय इमरजेन्सी भी लागू हुई थी। इन्होने 1971 में भी इंदिरा गांधी के खिलाफ चुनाव लड़ा था लेकिन वह हार गये थे।




 अरुण नहेरु रायबरेली के दो बार सांसद रहे। 



4- अरुण नहेरु रायबरेली के दो बार सांसद रहे। 1980, 1984 में दो बार सांसद रहे । यह गांधी परिवार के रिस्तेदार भी थे साथ ही काफी करीबी बताये जाते थे।


शीला कौल रायबरेली सांसद दो बार सांसद रही।


5- शीला कौल रायबरेली की 1989,1991 में सांसद थी। शीला कौल देश के हले प्रधानमंत्री पंड़ित जवाहर लाल नहेरु की सलहज और इंदिरा गांधी की मामी थी।


कैप्टन सतीश शर्मा रायबरेली



6- कैप्टन सतीश शर्मा रायबरेली के 1999 में सांसद थे। यह इंदिरा गांधी के काफी नजदीक रहने वाले माने रहे आज भी रायबरेली के लोग उनकों मानते है।

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