अत्याधुनिक बकरी पालन व नस्ल सुधार परियोजना का शुभारंभ,रायबरेली डा.कुलदीप द्विवेदी मुख्य पशुचिकित्साधिकारी ने किसानों को गिनाये पशुओं के पालन करने के फायदे
अत्याधुनिक बकरी पालन व नस्ल सुधार परियोजना का शुभारंभ,रायबरेली डा.कुलदीप द्विवेदी मुख्य पशुचिकित्साधिकारी ने किसानों को गिनाये पशुओं के पालन करने के फायदे
रायबरेली के विकास खण्ड सताव
में आज गरीब व वंचित वर्ग से सम्बन्ध रखने वाले बकरी पालकों हेतु उन्नतषील बकरी पालन के माध्यम से उनकी आजीविका संवर्धन के क्रम में विश्वास संस्थान द्वारा संचालित पशुधन विकास ग्रामीण आजीविका एवं स्वावलम्बन कार्यक्रम रायबरेली के विकास खण्ड सताव के 20 गावों में संचालित किया जा रहा है।
परियोजनान्तर्गत 600 बकरी पलकों को चिन्हित किया गया। कार्यक्रम के अन्र्तगत समाज के गरीब बकरी पालकों की आर्थिक स्थिति को बेहतर करने हेतु कार्य किया जा रहा है। आज ग्राम सुर्वापुर मजरे सरायमुबारक के पंचायत भवन में जागरूकता कार्यक्रम कर परियोजना का शुभारंभ किया गया। जिसमें ग्राम सराय मुबारक, खाले का पुरवा एवं सनिकामऊ के बकरी पालक उपस्थित रहे। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि डा0 कुलदीप द्विवेदी मुख्य पशुचिकित्साधिकारी, रायबरेली डा0 नितेन्द्र सिंह मलिकमऊ चैबारा, डा0 रमाकान्त यादव सताव, नीरज कुमार पटेल ग्राम प्रधान सरायमुबारक उपस्थित रहे। कार्यक्रम की शुरूआत में सभी आगन्तुकों का पुष्प गुच्छ देकर सम्मानित किया गया। इसके उपरान्त दीप प्रज्ज्वलन के साथ कार्यक्रम का सुभारम्भ किया गया। संस्थान सचिव बिपिन बाजपेई ने संस्थान और परियोजना की जानकारी देते हुए बताया कि चयनित सभी गावों में एक पशुसखी का चयन किया गया है। जो कि बकरियों की स्वास्थ्य, खानपान, रखरखाव तथा देखभाल करेंगी कार्यक्रम के अन्र्तगत कृत्रिम गर्भाधान से बकरियों में बरबरी नस्ल को बढ़ावा दिया जाएगा। जिससे बकरी पालकों को बेचने पर ज्यादा कीमत प्राप्त हो सके। बकरी मृत्युदर को कम करने के लिए टीकाकरण डिवर्मिंग एवं उपचार किया जा रहा है।
इसके उपरान्त मुख्य अतिथि सी0बी0ओ0, रायबरेली ने बताया कि यह बहुत अच्छा कार्यक्रम है। कार्यक्रम से हम गरीब बकरी पालकों के चेहरे में खुशी ला सके तो बहुत अच्छा है। संस्थान को कार्यक्रम में कृत्रिम गर्भाधान के लिए सीमेन या गैस की आवश्यकता पडने पर हम सहयोग प्रदान करते रहेंगें। क्षेत्र में पशुसखियों को रखा गया है यह भी सराहनीय है। इसके उपरान्त डा0 सताव ने पशुपालन विभाग की योजनाएं जो कि बकरी पालन के लिए है बताया साथ ही साथ बकरी की देखभाल बकरी रहने का बाड़ा कृत्रिम गर्भाधान पर विस्तारपूर्वक जानकारी दी। डा0 मलिकमऊ चैबारा ने बताया कि पशुपालन विभाग का कार्य संस्थान कर रहा है हम हर प्रकार का सहयोग करेगें। बकरी पालकों को बताया कि बकरी बच्चे को सरसों का तेल नही पिलाना चाहिए। बकरी की मां को देने से दूध के द्वारा बच्चे में असर आ जाता है। प्रधान सरायमुबारक ने संस्थान और पशु चिकित्सक को धन्यवाद दिया।
परियोजना समन्वयक बिकास कुमार ने परियोजना में सभी आवष्यक बातें लागू करने का आश्वासन दिया। परियोजना निदेशक रेखा सिंह ने सभी का आभार व्यक्त किया। परियोजना सहयोगी विवेकानन्द अवस्थी, हिमाशू अमन पशु सखी गोल्डी गुड़िया शिवानी ने कार्यक्रम में सहयोग किया।
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