..जब 50 वर्ष पहले डालते थे मतदान.
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http://www.patrika.com/news/raebareli/difference-between-voting-system-today-and-50-years-back-1497756/
रायबरेली में आज कुछ बुजुर्ग नेताओं से बात की जिसमें उनसे पूछा गया कि आज के मतदाता और 50 वर्श पहले मतदाता जब वोट डालने जाता था तो उसे क्या सुविधायें और क्या असुविधा होती थी। और आज चुनाव आयोग और प्रषासन का वोटरों को कितना फायदा मिलता है। मतदान केन्द्रो पर इस पर सभी लोगों के अपने अपने विचार थें।
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रायबरेली में आज कुछ बुजुर्ग नेताओं से बात की जिसमें उनसे पूछा गया कि आज के मतदाता और 50 वर्श पहले मतदाता जब वोट डालने जाता था तो उसे क्या सुविधायें और क्या असुविधा होती थी। और आज चुनाव आयोग और प्रषासन का वोटरों को कितना फायदा मिलता है। मतदान केन्द्रो पर इस पर सभी लोगों के अपने अपने विचार थें।
अब्दुल हमीद खां जी का कहना है कि पहले वोट डालने में काफी परेषानी हुआ करती थी और लोगों को घन्टों लाइनों में लगकर वोट डालने का मौका मिलता था। और अगी कोई दंबग आदमी होता था तो वह अपने प्रत्यासी को वोट डालने के लिये कहा करता था और काफी दवाब रहता था । लेकिन धीरे धीरे बदलाव आता गया और चुनाव आयोग की सख्ती से काफी बदलाव हो गया है और अब परिवर्तन इतना हो गया है कि महिलायें और पुरुशों की लाइनें तक अलग अलग लगती है। और इस बार तो आयोग ने बुजुर्ग लोगों और सभी के लिये पानी और घर से लाने जाने के लिये गाडी की सुविधा भी दी है जिसमें वह मतदान केन्द्र तक गाडी ले जा सकता है साथ ही बुजुर्ग लोगों के लिये व्हील चेयर की भी सुविधा दी गई है।
रामकरन यादव का कहना है कि पहले जब हम वोट डालने जाते थें तो पहले हम लोग घन्टों लाइन में लगते थें और वोट डालने के समय का इन्तजार करते थे और इसके बाद वोट डालने का मौका आता था। और आज वोटिंग मषीन आ गई है पहले बैलेट बाक्स होता था उसमें कागज को मोडकर बाक्स में डालना औरकई ऐसी प्रक्रिया थी जो काफी दिक्कत होती थी पर आज तो एक बटन दबावों और वोट पड गया तो ये सब सुविधा पहले से ज्यादा हो गई है।
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